ग्रामीणों ने बताया – बरसात में टूटी नहरों से सिंचाई व्यवस्था ठप, कृषि पर संकट गहराया
ग्रामीणों ने बताया – बरसात में टूटी नहरों से सिंचाई व्यवस्था ठप, कृषि पर संकट गहराया

विकास खंड अगस्त्यमुनि के अंतर्गत स्थित दूरस्थ ग्राम मदोला में आज प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन एवं जिला सूचना अधिकारी वीरेश्वर तोमर की संयुक्त अध्यक्षता में जनता दरबार एवं जन संवाद कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा कुल 22 शिकायतें दर्ज की गई जिनका निस्तारण हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।
कार्यक्रम में ग्रामीणों द्वारा पेयजल की समस्या सहित जंगली जानवरों द्वारा खेती को नुकसान पहुंचाने तथा आपदा से क्षतिग्रस्त हुई नहरें व मोटर मार्ग आदि की समस्याओं से अवगत कराया गया। जिस पर अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं का निस्तारण करने हेतु संबंधित विभागों से समन्वय करने को लेकर ग्रामीणों को आश्वस्त किया।
ग्राम पंचायत कोटी मदोला के ग्रामीणों ने समस्या दर्ज करते हुए बताया कि गांव में विद्युत लाइन बहुत पुरानी है जिससे स्थानीय लोगों को खतरा बना रहता है। उन्होंने लाइनों को बदलने की मांग की। इसके अलावा ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त सणगू-सारी-मदोला मोटर मार्ग की समस्या से अवगत कराया। कहा कि मोटर मार्ग के बदहाल होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विगत दिनों हुई अत्यधिक बारिश से गांव की क्षतिग्रस्त हुई नहरों के बारे में बताया और संबंधित विभाग से नहरों की मरम्मत करने की मांग की। इस तरह ग्रामीणों द्वारा कुल 22 शिकायतें दर्ज की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन ने बताया कि मौके पर कुछ शिकायतों को निस्तारित किया गया जबकि शेष शिकायतों को आवश्यक कार्यवाही हेतु संबंधित विभागों प्रेषित किया जाएगा।
अधिकारियों ने कहा कि शासन की मंशा हर जरूरतमंद व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है और प्रशासन इसके लिए प्रतिबद्ध है।
जनसंवाद कार्यक्रम में जिला होम्योपैथिक अधिकारी डाॅ. दीपा तिलारा, ग्राम विकास अधिकारी आशीष रौथाण, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी देवेंद्र सिंह, वन आरक्षी भूपेंद्र सिंह, धीरज बुटोला, आनंद सिंह बिष्ट आदि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
